रेलवे प्लेटफार्म

 बूढ़ी सी जर्जर काया उनकी देह है रोगी जैसी लगभग पैंसठ साल की होगी वह महिला , जिसे रोज ऑफिस  के   बाहर बैठते  देखता रहता  ।  ठीक सामने एक बेंच पर बैठी रहती आते जाते  यात्री लोग कुछ पैसे व खाने पीने की चीजें दे जाते। वहीं पर   खा लेती और बेंच पर सिकुड़ कर सो जाती।

सर यह औरत चार दिन से यहीं पर बैठी रहती है रात में भी नहीं जाती कहीं? मेरा चपरासी बोल रहा ...... जाकर पता करो कौन है कहाँ से आई है या ट्रेन छूट गई या कहीं जाना है पर संयोग से खो  गई है यहाँ ?

माताजी आप कहाँ रहती हैं क्या आपकी ट्रेन छूट गई है ,पीयून की बात सुन बुजुर्ग महिला के सपाट चेहरे पर कोई भाव नहीं , चुपचाप ब्रेड खाती रही । पूछता रहा पर कुछ नहीं बोली है पीयून चला आया ना में सर हिलाकर बोला कि लगता है अर्द्धविक्षित है ये।

 ठीक है गुप्ता इनका ख्याल रखना और कुछ कपड़े की व्यवस्था कर दो  ताकि साफ सुथरी हो जाए व एक रिटायरिंग रूम में रात में सोने का प्रबंध भी।

जब उन पर नजर जाती है   ऐसा आभास होता कि यह संभ्रांत परिवार की हैं कुछ न कुछ है जो अनसुलझा है ? हाव भाव से सभ्य शिक्षित दिखती है यह।

 रेल अधिकारी होने के कारण मुझसे जो बन पड़ा है उनके हित के लिए करता रहा । धीरे धीरे खुलती जा रहीं हैं ऑफिस में भी आकर बैठती हैं  पर खामोश ही रहती हैं।

एक दिन टी वी  पर एक  प्रशासनिक अधिकारी गुहार लगा रहा है कि मेरी पत्नी वैभवलक्ष्मी गुम हो गई है पता नहीं कहाँ चली गई? चेन्नई से मुंबई जाने के रास्ते में किसी रेलवे स्टेशन में उतर गई है बहुत बीमार है । किसी भी सज्जन को मिले तो कृपया इस पता पर सुचित करें। फोटो देख उछल पड़ा एकदम इनकी ही तस्वीर ऑनस्क्रीन प्रसारित हो रही है ।

ओ माइ गाॅड यह भले घर की हैं। पढ़ी लिखी भी है कभी कभी अंग्रेजी में बुदबुदाती रहती पर सुनाई नहीं दिया मुझे।  साऊथ इंडियन हैं इसलिए हिंदी समझ नहीं पाती बिचारी ।

मैम where are you from ? चेन्नई ...

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   फिर आप यहाँ कैसे ? (इंग्लिश में) वो शिरडी साईं बाबा के दर्शन को हम पति पत्नी जा रहे थे मुझे ब्लड कैंसर है और पति लाखों लाख पैसे खर्च करते जा रहे  मना करती रही नहीं सुने वो ? मेरे ही इलाज में सेविंग का पैसा खत्म हो जाता तो इनके पास और बच्चों के पास कुछ शेष नहीं बचता ? ऐसे भी मरना ही है मुझे कैंसर से ,  इसलिए नासिक रेलवे स्टेशन रात एक बजे ट्रेन रूकी तो सोए हसबैंड को छोड़ उतर गई।  इतना पैसा खर्च हो चुका था कि कर्ज मांगने की नौबत थी?

Ohh ho.....Mam..What does your husband do?

My husband is an administrative officer....... उनकी इतनी अच्छी अंग्रेजी और यहाँ अपने पति को तकलीफ न देने की जिद ने मुझे झकझोर दिया हतप्रभ रह गया ।पीड़िता का सच सुनकर

करुणामयी स्त्री के रूप में ऐसी पत्नी पहली बार देखा मैनें । जिसे अपने पति के भविष्य की फिक्र है और इस अनजान के लिए ईश्वर ने मुझमें उनके प्रति संवेदना भर कर भेजा है ।

हजारों लाखों करोड़ों जनसंख्या के यातायात का विस्तृत साधन रेल है अनगिनत लोगों को  आते जाते देखता , कितनों का ट्रेन छूटता , कोई दुर्जन अपनी बूढ़ी माँ को स्टेशन उतार कर नौ दो ग्यारह।

यह अपवादस्वरूप यात्री मिलीं हैं। दो महीने के पश्चात मौत हो गई है रेलवे वेल्फेयर (कल्याण विभाग) से फंड लेकर दाह संस्कार किया गया है  । उनको आग देकर पुत्र धर्म का पालन किया मैंने ।

 ऑफिस के बाहर वह जगह देखकर बरबस याद आ जाता है ।

काश! उनके पति को बता पाता ? पर उन्होंने हाथ जोड़कर मुझे बांध दिया था अपनी सौगंध से। बेबसी का आलम ही रहा हमारा। भगवान जाने कौन सा नाता था उनसे !

अंजू ओझा

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