आंखें चार होना

 विशाल बस से यात्रा कर रहा था कि सामने की सीट पर बैठी एक लड़की से उसकी आंखें चार हो गयीं। लड़की ने भी कुछ ऐसा ही महसूस किया लेकिन जल्दी ही स्वयं को संभाल लिया और नज़रें घुमा लीं। 

विशाल अपने स्टाप पर उतर गया और वो लड़की भी उसी स्टाप पर उतरी।  विशाल और वो एक ही रास्ते से जा रहे थे। लड़की को आशंका हुई कि वो उसका पीछा कर रहा है। लेकिन विशाल ने  लड़की की आशंका दूर करते हुए बताया कि वो इस गाँव का नया सचिव है। 

धीरे धीरे दोनों मिलने लगे और पहली नज़र का प्यार परवान चढ़ने लगा लेकिन  सुगंधा को जिसका डर था वही हुआ, गाँव वालों ने एक विधवा के प्रेम और पुनर्विवाह पर तूफ़ान ला दिया।  लेकिन  गाँव की अन्य पीड़ित  महिलाओं ने  सुगंधा के पक्ष में आवाज़ उठायी और कानून का सहारा भी लिया। 

विशाल और सुगंधा का निश्चल प्रेम और गांव की महिलाओं का साथ जीत गया। 

ऋतु रानी

स्वरचित कहानी


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