नाम डुबोना

 ठाकुर रतनसिंह अपने इलाके के जमींदार थे।आजादी के बाद  जमींदारों की जमींदारी तो खत्म हो गई, परन्तु ठाकुर रतनसिंह का रुतबा बरकरार था।वे गरीबों के मसीहा थे।इस कारण पूरे इलाके में उनके नाम की तूती बोलती थी।परोपकार की भावना विरासत के रुप में उन्हें अपने पिता से मिली थी।उनके पिता भी गरीबों के हमदर्द थे।उन्होंने अपनी मौत से पहले अपने बेटे रतनसिंह को समझाते हुए कहा था -" बेटा!गरीबों की हाय कभी मत लेना।तुम उन्हें थोड़ी-सी मदद और सहानुभूति दोगे,बदले में वे तुम्हें ढ़ेर सारा प्यार और आशीष देंगे।"


ठाकुर रतनसिंह ने पिता की सीख को गाँठ में बाँधकर रख  ली थी।दिनोंदिन वे पिता की यशःकीर्ति में चार चाँद लगाते रहे।पूरे इलाके में उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था।


ठाकुर  रतनसिंह की जिन्दगी में एक पुत्र की कमी थी,जिसके कारण उनकी पत्नी मायूस रहती थी।पत्नी को उदास देखकर उन्हें भी वारिस की चिन्ता सताती थी।उस समय समाज में बेटे की अहमियत बहुत ज्यादा थी।


कुछ समय बाद  भगवान की कृपा और लोगों की दुआ से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। उनकी पत्नी तीन पुत्री के बाद पुत्र पाकर खुशी से निहाल हो उठी।बेटे को कलेजे से लगाकर  उनकी पत्नी को ऐसा महसूस होता मानो बेटा उनकी रुह के रास्ते से होकर उनकी गोद में उतरा हो।बेटे के आने से उन्हें ऐसा महसूस होता मानो स्याह बादलों के पीछे से  सूरज का उजाला जमीं पर उतर आया हो।उनकी जिन्दगी की उदास फिजाओं में सतरंगी इन्द्रधनुष घुलने लगा।हमेशा बेटे की चाहत में उदास रहनेवाली उनकी पत्नी  अब बात-बात पर मुस्कराने और गुनगुनाने लगीं।बेटे के प्यार में उनकी पत्नी इतना अत्यधिक खो गईं कि उन्हें उचित-अनुचित का भी ख्याल नहीं रहा। कहा भी गया है ' अति सर्वत्र वर्जयेत्।'अत्यधिक लाड-प्यार  से उनका बेटा बिगड़ रहा था,परन्तु उनकी पत्नी की ममता अंधी हो गई थी।वे बेटे की गलत हरकतों को पति से छुपाकर रखती थीं।

बेटे के कारनामों की जानकारी होने पर एक दिन ठाकुर रतनसिंह ने अपनी पत्नी को डाँटते हुए कहा था -" आप इसके गुनाहों पर इस तरह पर्दा डालती रहेंगी,तो एक दिन अवश्य बेटा हमारा नाम डुबोएगा।"


सचमुच आज उनके बेटे को एक गरीब लड़की से बलात्कार के आरोप में पुलिस जेल ले जा रही है।दोनों पति-पत्नी का शर्म से सर झुकाकर हुआ है।उनके बेटे ने  उनकी सारी ख्याति ,इज्जत, मान-मर्यादा को डुबो दिया।


समाप्त। 

लेखिका-डाॅक्टर संजु झा (स्वरचित)


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