! आज शोभा जी के बेटे रोहन को कोर्ट ले जाया जा रहा है! सभी चाहते हैं रोहन को कड़ी से कड़ी सजा मिले! कभी तो उसे उसके करतूतों की सजा मिलनी ही थी! बचपन से ही रोहन जिद्दी और अपनी मर्जी का मालिक था! मां को तो जैसे कुछ समझता ही नहीं था, हां पापा से थोड़ा बहुत डरता था! जैसे-जैसे बड़ा होता गया उसकी बदतमीजी और आवारागर्दी बढ़ती ही गई! मां और पापा ने कितनी ही बार उसे यह हरकतें बंद करने और अपने कैरियर पर ध्यान देने को कहा! कभी प्यार से कभी फटकार से! पर रोहन जैसा था वैसा ही रहा! मां बाप की इज्जत कलंकित करने में उसने कोई कसर नहीं छोड़ी! किंतु आज उसने सारी हदें पार कर दी! अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी ही बचपन की मित्र तानिया की इज्जत तार-तार कर दी! वह चीखती चिल्लाती रही,किंतु रोहन तो आज जानवर बन गया था! रोहन की वजह से आज तानिया की इज्जत पर धब्बा लग गया था!और आज रोहन की मां ने खुद अपने बेटे को सलाखों के पीछे देखने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, ताकि उस मासूम बच्ची को न्याय मिल सके! और उसके दिल को सुकून! नरभक्षी जानवर का पिंजरे में रहना ही सही है! आज अगर उसे सजा ना मिलती तो न जाने कितनी ही बच्चियों का भविष्य बर्बाद हो जाता !
हेमलता गुप्ता
स्वरचित\
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