गागर में सागर

 अरे बेटा रामू देख तो अपनी झुग्गी की तरफ कैसी भीड़ उमड़ती चली आ रही है कहीं तेरे बापू ने अपने रिक्शे से किसी को टक्कर तो नहीं मार दी,।आज तो मुंह अंधेरे ही निकल गये थेथे रिक्शा लेकर कह रहे थे कि अपना रामू पास होजायगा तो उसके दाखिले के लिए पैसे भी तो जुटाने हैं।बिचारे रामू ने मेहनत भी तो की है रात रात भर बिज लीी के खंबे के नीचे बैठ कर पढ़ाई की है ।देखना उसकी मेहनत का फल भगवान उसे जरूर देगा ।मैंनही चाहता कि मेरे रामू को मेरी तरह रिक्शा चलाना पडे।कहते हुए सुखिया ने रामू को झकझोर कर उठाया।

रामू हड़बड़ाकर उठा और झुग्गी के बाहर निकला, निकलने पर पता , ाचलाकि रामू ने अपने स्कूल की दसबी की परीक्षा में टॉप किया है।सभी की जुवान पर एक ही बात थी।बाकई रामू तो #गागर में सागर है विना किसी सुविधा के पढ़ाई में टाॉप कर गया।

स्वरचित व मौलिक

माधुरी गुप्ता

नई दिल्ली


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