Priyanka Mukesh Patel
इस ब्लॉग पर आप दिल को छु जाने वाली कहानिया पढ़ेंगे
सतरंगी थीम थी किट्टी में । सबको हँसने हँसाने वाली ऋतु आज किट्टी पार्टी में नहीं आई थी ।सारी सखियाँ उसे याद कर रहीं थी…
राधा और सुषमा एक ही मोहल्ले में रहती थीं। दोनों पहले बहुत अच्छी सहेलियाँ थीं—साथ बाजार जातीं, त्यौहार मनातीं, और हर ब…
" नैन-मटक्का करने से फ़ुरसत मिल गई..।कोचिंग के बहाने मैडम खूब गुलछर्रे उड़ा रही हैं।देख लेना राधिका..तेरी ये ब…
आज के समय में जिंदगी की रफ़तार जितनी तेज हो गई है , उतनी ही मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। ऐसी ही एक कहानी है रिद्धि…
सुबह-सुबह सूरज़ की किरणों से अंधियारा ज़रुर छँट जाता है….. लेकिन आत्मा पर छाया अंधियारा शायद इस रोशनी में ऑर गहरा हो…
अम्मा अब तो यह अपना नया घर है सब नया सामान आयेगा ये सब पुराना फालतू कबाड़ वहीं किराए के मकान में छोड़ कर आना चाहिए था…
शनिवार की शाम ऑफिस से जैसे ही घर आया देखा तो विजय जी बैठक में बैठे हुए थे।मुझे देखते ही लपक कर खड़े हो गए मैं तुम्हार…
अरे रमेश इतने दिन बाद दिखाई दिये हो,कहाँ थे? सुरेश तुम,वास्तव में भाई काफी दिनों में मुलाकात हुई है।असल …
सुनो,मनोज बेटा देखो कुछ मजदूर नेता मजदूरों को भड़का रहे हैं,तुम मजदूरों से बात करके,उन्हें हड़ताल करने से रोकने का प्र…
बात उन दिनों की है जब सुषमा ने हिन्दी अध्यापिका की नौकरी के लिए साक्षात्कार देने जाना था। वह एक बहुत ही सम्मानित प्रा…
सुनो जी,आज तो 8 बज गये, दूध वाला दूध नही दे गया है, मालूम तो करो,आयेगा भी नही? रोज दूध समय पर ही आता था,आज…
अक्सर बचपन में सुनी कहानियाँ और सीख जीवन में काम आती हैं।मनुष्य को सरल और सहज जीवन के लिए हमेशा सत्य का साथ देना चाहि…
रामप्रसाद एक सामान्य से व्यक्ति थे।नगर निगम में क्लर्क की नौकरी करते थे।एक ही बेटा था,हरीश।उनका सपना था कि बेटा अच्…
सबोथ अपने लेखन कार्य मे व्यस्त थे कि उन्हें मालती के बड़बड़ाने की आवाज़ सुनाई दी, रोज़ मालती का अपनी किस्मत के लिए रो…
उदय जब दस साल का था,तो प्रसव के समय उसकी माँ का अचानक निधन हो गया।उदय का जन्म उसकी माँ की शादी के बारह वर्ष बाद हुआ थ…
रिद्धि घर से निकलते समय अपने गहने साथ नहीं लाना चाहती थी,पर सौरभ ने जोर देकर कहा था लाने को।आदत नहीं थी मम्मी की आलमा…
Social Plugin