जो है वो आज ही है

 अरे वाह बहुत ही सुंदर और टू बी एच के घर ले लिया तुमने तो  शिखा , कहते हुए कोमल उसके नए फ्लैट मे घूम घूमकर अवलोकन कर रही थी। देखकर  "उसकी छाती पर साँप लोट गया"

एक मै हूँ जो अभी भी किराए के फ्लैट मे पड़ी हूं। कोमल ने शिकायती और थोड़े इर्ष्याभाव से कहा। शिखा ने नोटिस किया था। 

हाँ कोमल हम दोनों एक साथ ही पढ़े, शादी भी लगभग थोड़े अंतराल पर ही हुई थी हमारी और जॉब भी ;तुम सिर्फ आज में ही यकीन करने वाली थी "कल क्या होगा किसको पता अभी जिंदगी का ले लो मजा" ये तुम्हारा प्रिय गीत था, याद है न  ! शिखा मुस्कुराई। 

 तुमने अपनी लाइफस्टाईल बहुत फ़िलासाफि वाली अपनाई, जो है आज है, इसलिए आज मे ही जियो। और मेरा मानना था, की आज मे तो जीना ही चाहिए, लेकिन थोड़ा सा कल का भी सोचना जरूरी है। इसलिए आज अच्छा जीवन जीने के साथ कल का भी ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि समय हमेशा एक सा नही रहता है मेरी प्यारी सखी ! 


    किरण केशरे 🖋 


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