माफी

 माफी कहने को तो छोटा और आसान हा शब्द है कुछ भी करो और माफी माग लो । पर हर गलती की माफी होती है क्या ॽ राधा एक बडी कंपनी में ऊची पोस्ट पर‌ नौकरी करती थी। हर कोई   उसके काम से बहुत खुश था  चाहे दफ्तर में काम करने वाले और  उसके बॉस भी सब उसके काम से खुश थे। उसके माता-पिता चाहते थे अब वह शादी करके अपना घर बसा ले पर राधा चाहती थी कि वो जिससे शादी करे वो उसे समझे उसकी कदर करे उसकी नौकरी और जिमेदारी को समझे । कुछ दिनों में उसके दफ्तर में नई भरती हुई उसमे राजेश नाम के एक अधिकारी की भी नियुक्ति हुई राजेश राधा का जूनियर था काम के सिलसिले में आमना सामना होता रहता था । एक दिन राधा का जन्मदिन था और ऑफिस को उसकी वजह से एक कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था इसीलिए ऑफिस में उसके लिए एक सरप्राईज पार्टी रखी गई । सब बड़े खुश थे पार्टी के बाद राजेश ने राधा को प्रपोज किया राधा भी मन ही मन उसे पसंद करती थी पर राधा ने पहले उसे अपनी बातो से अवगत करवाया राजेश बोला मैंने तुमसे प्यार किया है तुम्हारी पोजीशन से नहीं मुझे तुम चाहिए और तुम नौकरी भी कर सकती।हो पर तुम इतनी बड़ी पोस्ट पर और मैं तुम्हारा जूनियर तुम्हे शर्म तो नही आएगी और मेरी तनख्वाह भी तुमसे कम है ।राधा बोली तुम्हारे जैसा जीवन साथी पाकर मैं बहुत खुश हूं और हम मिलकर सब कर लेगे।

परिवार वालो की रजामंदी से दोनो की शादी हो गई।

राधा की मां कहती भी थी की तुम किसी अफसर से शादी कर सकती थी फिर तुमने अपने जूनियर से शादी क्यों की राधा बोली मां वो मुझे प्यार करता है

समय गुजरता गया सब ठीक चल रहा था पर राधा की सासको उससे हमेशा परेशानी रहती वो कहती मुझे तो घरेलू बहु चाहिए थी जो मुझे गरम रोटी खिलाएं यहां तो बहु आने के बाद भी ठंडी रोटी खाओ । जबकि राधा बहुत ध्यान रखतi हर चीज पहले से पहले लाकर रखती पूरे दिन की काम वाली थी जो गरम खाना चाय नाश्ता सब देती पर राधा को सकून था की राजेश उसका साथ देता सास कुछ बोलती तो हमेशा राधा की साइड लेकर उन्हें सुनाता  दिन बीत रहे थे राधा के ऑफिस में प्रमोशन होनी थी राजेश को पूरी उम्मीद थी की ये पोस्ट उसे ही मिलेगी पर जब प्रमोशन किसी और को मिली तो भी राधा की सास ने उसे ही बाते सुनाई राधा बोली ये फैसला मेरा नही मैनेजमेंट का है उन्हे जो सही लगा वो उन्होंने किया सैलरी तो बढ़ी है राजेश अगर आप और मेहनत करोगे तो आप भी प्रमोशन ले सकते हो ।राधा घर और ऑफिस की जिमादारियो से सास के तानों से थक गई थी उसने अपने बॉस को अपना रेजिग्नेशन लेटर मेल कर दिया पर उसके बॉस ने उसका लेटर एक्सेप्ट नही किया उन्होंने उसे कहा तुम दो महीने की विद आउट पे लीव लेलो।राधा ने घर आकर बताया मैं ने जॉब छोड़ दी है अब मैं घर रहकर मां की सेवा करोगी आपको कोई शिकायत नहीं होगी l राजेश बोला तुमने ये क्या किया अच्छी भली नौकरी छोड़ दी फिर बोला तुम्हारी मर्जी अब राधा घर के काम करती और राजेश को घर खर्चे उठाने पड़ते इतना इतना बिजली बिल ,राशन फल सब्जियां आदि । एक दिन राधा बाहर गई हुई थी वो घर आई तो दरवाजा खुला था वो अंदर आ गई उसने राजेश और उसकी मां को बात करते सुना राजेश बोला क्या जरूरत थी आपको उसको इतनी बाते सुनाने की उसने अपनी नौकरी छोड़ दी ।मां बोली तेरे कहने पर तो मैं उसे बोलती थी मुझे क्या पता नौकरी छोड़ दी राजेश बोला की सब मेरे ऊपर आगया इसलिए तो शादी की थी जिंदगी मजे में बीतेगी पर अब क्या ।राधा ये सुनकर सकते में आ गई उससे वहा रुका न गया वो ऊपर गई और अपना सामान लेकर आ गई और राजेश से बोली राजेश में जा रही हूं राजेश बोला कहा  राधा बोली अपने घर मैं पैसा कमाने की मशीन नहीं हुं।तुम्हे तलाक के कागज मिल जाएंगे राजेश बोला मुझे माफ कर दो मैं तुम्हे बहुत प्यार करता हूं।  राधा बोली हर गुनाह की माफी नहीं होती तुमने मेरे साथ धोका किया मेरे प्यार की कदर नही की  और राधा चली गई। राधा ने  वापिस ऑफिस ज्वाइन कर लिया और प्रमोशन लेकर अमेरिका चलीं गईं।राजेश वही रहा और उसकी लापरवाही की वजह से उसकी नौकरी भी चली गई अब वो राधा को बहुत याद करता पर उसका गुनाह ऐसा था जिसकी माफी नहीं थी।

स्वरचित कहानी

आपकी सखी

खुशी


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