मुरझाए हुए रिश्ते

 अभी कल ही तो व्हाट्सअप' पर एक वीडियो देखा, जीज्जी एक ऐसा लिक्विड आ गया, जिससे बासी मुरझाई सब्जियाँ भी हरी भरी और ताजी हो जाती है।

संयुक्त परिवार की मैना अपनी जेठानी से बतिया  रही थी आँगन में, 'चलो ननद जी कब तक सोग करती रहोगी धनी का' अब यहाँ रहना ही है तो कुछ करो धरो भी ; मैना ने विधवा ननद राधा को उपेक्षित दृष्टि से देखते हुए घमण्ड से कहा था।
जेठानी नंदा को ये बात नागवार तो लगी पर वह जानती थी की मैना को बोलने से मतलब नही उसे राधा बिल्कुल नही सुहाती । जब तब "जली कटी सुनाती ही रहती थी"
राधा आँसू छुपाते हुए किचन में चली गई ,छोटा भाई भी मैना की लगाई बुझाई बातों के कारण राधा से खींचा खींचा रहता। आज रक्षाबंधन" का दिन था राधा आरती संजो कर दोनों भाइयों को राखी बांधने लगी।
बड़े भाई ने नेग डालकर बहन के सिर पर हाथ रखा ,छोटा भाई नेग देने ही लगा था की मैना वयंग्य से बोली, अब अलग से नेग की क्या जरूरत है ! ईन्हेें  कौन सा वापस जाना है !
राधा की आँखे छलछला आई थी,भरे गले से वह नंदा से बोली भाभी ! क्या ऐसा कोई लिक्विड नही बना अभी तक ? जिससे कड़वाहट दूर हो और "मुरझा गए रिश्ते हरेभरे हो जाए"  !

 
  किरण केशरे 🖋


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