मन की सुंदरता

 हर बार की तरह बातें सुनने के बाद ,ऋचा ग़ुस्से में घर से बाहर निकल पड़ी । हर कोई मुझे काला होने का ताना मारता रहता है । दूसरों की छोड़ो मेरे अपने ही ! मेरी माँ …..मुझे मेरे रंग को लेकर जली कटी सुनाती रहती हैं  मेरी बहन गोरी हैं ! मैं काली हूँ ! तो क्या मेरी शादी कभी नही होगी ?? …..यही सोच सुबकती चली जा रही थी । तभी उसकी नज़र एक ब्यूटी क्रीम के बेनर पर पड़ी । जिस पर लिखा हुआ था ……एक महीने में गोरा पन पाए । उस इश्तिहार की तरफ आकर्षित होकर वो अंदर चली गयी ।वहाँ जाकर देखा कि एक क्रीम का विज्ञापन शूट हो रहा था । वो ग़ुस्से में तमतमाती हुई बोली अगर सच में इस क्रीम को लगाने से गोरे होते है तो मुझे लगाइए ओर गोरा बना दो ।

ये सब सुन ! वहाँ खड़े सभी लोग उस पर हँसने लगे । तभी एक आवाज़ आती हैं ….कौन हैं ये लड़की और अंदर कैसे आयी बाहर निकलो ! जब गार्ड ऋचा को बाहर ले जाने लगे तो मानसी ने आवाज़ लगाई इसे मेरे पास लेकर आओ ।


जब ऋचा अंदर गयी तो मानसी ने पूछा तो तुम गोरी होना चाहती हो पर क्यों ??

ऋचा ने तपाक से जवाब दिया मैम अपने इस रंग के कारण बचपन से सब लोगों की जली कटी सुनती आ रही हूँ । अब तो मुझे अपने वजूद से भी नफ़रत होने लगी है । अगर मैं काली हूँ तो इसमें मेरी क्या गलती । ये तो बनाने वाले की गलती हैं । आज तक किसी क्रीम से तो गोरी हुई नही । लेकिन आपकी क्रीम मुझे गोरी कर सकती हैं तो बोलो !!

मानसी उसे इतना हताश देख बोली देखो तुम बहुत ख़ूबसूरत हो रंग काला हैं तो क्या तुम्हारे नयन नक़्श देखो कितने अच्छे हैं । अच्छे नयन नक़्श का क्या करना मैम ! जब शादी ही नही हो सकती । आप बस ये बातों ये क्रीम कितने दिन में गोरा करेगी !

मानसी बोली देखो ये क्रीम लगाने से भी भी तुम गोरी नही हो सकती । बस वक्ती तौर पे अच्छी लग सकती हो ।

ये सुन ! ऋचा बोली तो फिर क्या फ़ायदा इस क्रीम का जो गोरा ही ना करे । आप लोग बस विज्ञापन बना हम जैसे सीधे मजबूर ग्राहकों को आकर्षित कर पैसा बनाते हैं ।लेकिन यें हम जैसी ना जाने कितनी लड़कियों के सपनो के साथ धोखा हैं । यह सब बोल वो अपनी उसी दुनिया में वापस चली गयी ।



मानसी ने घर जाकर बहुत सोचा…. आख़िरकार यही सब लोग ऐसी क्रीम ख़रीदते है । हम तो ऐड शूट कर पैसे ले सब भूल जाते है । लेकिन

ऐसे विज्ञापनो से ना जाने कितनी गरीब मजबूर लड़कियों के सपने टूट जाते । इसलिए मानसी ने फ़ैसला लिया कि वो ऐसा कोई विज्ञापन शूट नही करेगी ।


अगले दिन उसने उस कम्पनी के साथ किया कांट्रैक्ट रद्द कर दिया । मानसी को इसका बहुत नुक़सान उठना पड़ा । कुछ दिनो बाद मानसी ने ऋचा को बुलाया और एक फ़ैशन शो में काम करने का ऑफ़र दिया । जिसे सुन वो बोली - मैम ! आप क्या कह रही है ??? मेरे जैसी कम पढ़ी लिखी ,काली -भद्दी लड़की …..फ़ैशन शो में !

मानसी बोली क्या हुआ अगर तुम काली हो ??काले लोग भी ख़ूबसूरत होते हैं । मानसी के बार बार बोलने पे वो मान गयी और एक कामयाब मॉडल के रूप में उभर कर सबके सामने आयी ।

आज वो सभी लोग जो ऋचा को भला बुरा कहते थे । उसकी कामयाबी देख सब भूल चुके थे और ऋचा एक सितारा बन चमक रही थी । जिसे पाने के लिए लड़कों की लाइन ही नहीं बल्कि उसके लिए चाँद तक भी जा सकते थे ।



स्वरचित रचना

स्नेह ज्योति


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