अपनों का छल..

 रागिनी गरीब परिवार की लड़की थी लेकिन किस्मत अच्छी थी की उसे एक अमीर और काफी प्यार करने वाला ससुराल मिल गया बिना दहेज के उसकी शादी हो गई रागिनी का देवर विनय भी अपनी भाभी को बहुत मान देता और उनसे अपनी हर बात शेयर कर लेता


विनय एक लड़की रूपा से बहुत प्रेम करता था और शादी करना चाहता था अपनी भाभी के जरिए उसने मां पापा तक बात रखने की सोची और रागिनी को सब बता दिया

रागिनी अपनी बहन की शादी विनय से करवाना चाह रही थी इस बारे मैं उसने अपनी सास से बात कर ली थी और वो भी इस रिश्ते से खुश थी


रागिनी विनय की बात सुनकर उसे वादा कर दिया लेकिन पीछे से रूपा को अपनी बहन के जरिए विनय के खिलाफ भड़का दिया की विनय ने उस से भी शादी का वादा किया है  रूपा ने विनय से शादी से इंकार कर दिया हार कर रागिनी की बहन से शादी हो गई


एक दिन विनय ने दोनों बहनों को बात सुन ली तब उसे अहसास हुआ की जिस पर इतना विश्वास किया बही आस्तीन के सांप निकले विनय का दिल टूट गया


स्वरचित

अंजना ठाकुर


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ