तुम्हारे आने का उस दिन से इंतजार था, जब मैं समझदार हुई। सभी सहेलियों के भाईयों की जब शादी में जाती थी, तो मैं भी सोचती थी, मेरे भैया की कब शादी होगी??? जब हम भैया के साथ आपको देखने आये थे तो सबसे ज्यादा खुश मैं थी, सबसे ज्यादा मैं ही चहक रही थी । शादी की तैयारियों मैं मैंने अपने आपको झोंक दिया था, दिन रात भाई के साथ आपके लिए शापिंग की थी। शादी में बैण्ड बाजों के बीच सबसे ज्यादा ठूमके लगाये थे, एक बराबर की सहेली मिल जायेगी, एक बहन मिल जायेगी। जिसके साथ मैं हर चीज शेयर करूंगी। जब मेरी सहेलियां नये स्वेटर, नये सूट पहनकर आती थी, मैं भी सोचती थी मैं कब अपनी भाभी की ड्रेसेज पहनूंगी।
शादी के बाद भी मैं जुटी रही घर समेटने में आप भाई के साथ हनीमून पर चली गई। जब वहां से आई तो मैं उत्सुक थी, आप मेरे लिए क्या लाई पर ये देखकर मेरा चेहरा उतर गया, आप अपनी छोटी बहन के लिए तो उसके मनपसंद की चीज लाई पर मेरे लिए कुछ नहीं। भाभी मैंने भी आपको दिल से सम्मान दिया था।
जब मेरा पहला बर्थ डे था, आपने ऐसे ही रखा हुआ गिफ्ट दें दिया, आपकी बहन को आप मार्केट ले जाके उसकी पसंद का गिफ्ट दिलाकर लाई। मुझे अपनी सहेली की शादी में जाना था, मैंने आपसे साड़ी मांगी आपने बहाना बना दिया कि ब्लाऊज की फिटिंग करनी होगी, उसका शेप बिगड़ जायेगा। आपकी बहन पूरे हक से जब चाहे आपकी अलमारी खोल कर कुछ भी ले जाती है।
जब पहली राखी आई तो आपने अपनी बहन को खुशी-खुशी अपनी चैन दे दी, मुझे कहा ये पैसे लो कुछ भी खरीद लेना। आप अपनी बहन से घंटों फोन पर बात करती है, पर मुझसे बात करने के लिए आपके पास दो मिनट भी नहीं होते।
आप, भैया और आपकी बहन सैर सपाटे, मूवी देखने के लिए कभी भी चले जाते हो, उन पर भाई की कमाई आप आसानी से खर्च कर देती हो, पर जब हमारी बारी आती है तो महंगाई का रोना रो देते हो।
जब आपकी बहन यहां रहने आती है तो उसकी पसंद के पकवान बनते हैं, उसका आप कितना ख्याल रखते हो और मैं आपके साथ के लिए तरसती रहती हूं।
वक्त के साथ मेरी शादी भी हो गई, आपने कभी मन से मुझे रहने को नहीं बुलाया, आपकी बहन हर छुट्टी में आती है । आखिर ननद इतनी बदकिस्मत क्यों होती है, भाई, भाभी के लिए सब करने वाली को, भाभी से उपेक्षा ही क्यों मिलती है? भाभी को एक सहेली, एक बहन समझने वाली ननद हमेशा ही उपेक्षित क्यों होती है।
मां, बाबूजी तो चार दिन के हैं, मायका तो भाई, भाभी से ही होता है। ननद भाभी को इतनी चुभती क्यों है?? वो भी तो इसी परिवार का हिस्सा होती है। उसके साथ परायों सा व्यवहार क्यों किया जाता है?
काश मैं भी होती भाभी की बहन।
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