नीमा बहुत ही प्यारी लड़की थी ।एकदम शांत और सरल स्वभाव था उसका। उसे पढ़ना बहुत अच्छा लगता था। स्कूल की पढ़ाई भी वह मन लगाकर करती थी ।वह सारे ही विषय में होशियार थी। उसे हिंदी विषय बहुत ही आकर्षित करता था। हर कक्षा में जब नई पुस्तकें आती थी तो वह हिंदी की पुस्तक निकालकर उसमें जितने भी कहानी ,कविताएं होती थी उन्हें पढ़ लेती थी। जब रस ,छंद अलंकार पढ़ाया जाता था तो उनके उदाहरणों को याद कर लेती।12वीं कक्षा तक की पढ़ाई तो स्कूल के अनुसार हुई, कॉलेज की पढ़ाई में उसे बहुत ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।
नीमा ने स्नातकोत्तर के लिए हिंदी साहित्य का चयन किया। जब उसने हिंदी का विस्तृत अध्ययन किया तो उसे हिंदी साहित्य की अमूल्य रचनाएं पढ़ने को मिली ।अब उसे ज्ञात हुआ कि हिंदी इतनी समृद्धशाली भाषा है। इसमें कितने अमूल्य रत्न छिपे हुए हैं ।एक शब्द के कितने अर्थ होते हैं। उसे हिंदी भाषा के बारे में इतने विस्तार से पढ़ कर बहुत ही अच्छा लगता था ।उसने बहुत ही अच्छे अंक भी प्राप्त किए। उसका विवाह हो गया।बच्चे हुए।वह बच्चों को हमेशा नाइ कहानियों का सृजन कर सुनाती थी ।बच्चे बड़े हो गए और घर परिवार की जिम्मेदारियां कम होने से नीमा को समय मिलने लगा।अब उसने अपने मन में उत्पन्न विचारों को लिखना शुरू किया। जब वह मोबाइल में टाइप करती थी तो उसे बहुत ही ज्यादा समय लग जाता था। उसे बच्चों ने बोलकर टाइप करने वाले ऐप के बारे में बताया।अब तो वह बहुत ही खुश हो गई ।अब जब भी उसके मन में कोई विचार आते जादुई मोबाइल में अपने विचारों को बोलकर टाइप कर लेती। बाद में कुछ मात्राओं को सुधार कर उसे पोस्ट कर देती थी।उसके समय की बचत भी होती थी। वह हमेशा अपने बच्चों को भी हिंदी पढ़ने और लिखने के लिए प्रोत्साहित करती थी।उसके बच्चों ने उसे लैपटॉप में भी लिखने का अभ्यास करवा दिया। अपनी रचनाओं को नीमा तरह-तरह से सजाती। अक्षरों को बड़ा छोटा कर लेती। उसके मन को बहुत ही प्रसन्नता मिलती थी। उसके पति और बच्चे भी उसे इस तरह प्रसन्न होते देख उसका उत्साह बढ़ाते थे और बहुत सारी नई नई जानकारियां उसे देते थे । वह सब को धैर्य से सीखने का प्रयास करती थी ।अब तो ऐसा लगता था कि उसके पास समय की कमी हो गई है। कॉपी कलम का साथ भी छूटा नहीं था। नीमा ने समय के साथ नई तकनीक को सीख कर अपने कार्य को आसान बना लिया आज भी वह अपना लेखन कार्य लगन और उत्साह से करती है और सोचती है कि विचारों को अक्षरों का साथ मिला तो जादू हो गया।
- नीरजा नामदेव
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