अदिति पढ़ने के साथ खेल कूद मै भी काफी सक्रिय थी पूरे स्कूल मैं उसका नाम था उसके मिलनसार स्वभाव से
सभी उसके जल्दी दोस्त बन जाते
अदिति की सबसे खास सहेली तृप्ति को अब उसकी सफलता से जलन होने लगी उसको लगता अब अदिति उससे दूर हो जाएगी अदिति धीरे धीरे सफलता की सीढ़ी चढ़ रही थी और तृप्ति की छाती पर सांप लोटने लगे अब उसे अदिति अपनी दुश्मन लगने लगी
अदिति एक राष्ट्रीय खिलाड़ी बन गई और पहली बार उसका अंतराष्ट्रीय खेल के लिए चयन हो गया
घर और स्कूल मैं सब खुश थे स्कूल मैं उसके नाम के बड़े बड़े बैनर लगे थे ये तृप्ति देख नही पा रही थी
जाने के दिन नजदीक आ रहे थे एक दिन स्कूल की सीढ़ी से उतरते वक्त तृप्ति ने अपना पैर अड़ा दिया जिससे अदिति गिर गई और पैर मैं फ्रैक्चर हो गया त्रप्ति दिखा रही की वो उसे बचा रही है जल्दी से अस्पताल ले गई
अदिति बाहर खेलने नही जा पाई इस बात का उसे बहुत दुख था!!
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