"रात को साढ़े बारह बजे कहाँ से आ रहे हैं, साहबजादे....
पापा ने पूछा...
"क्या पापा आप भी....
मैं अक्सर इसी वक्त आता हूँ। पढ़ाई लिखाई खत्म हो गई है...और बेरोज़गारी ने जिंदगी में डेरा डाल रखा है ऐसे मे आपकी टोका टोकी आहत कर देती है मुझे, दीपक ने कहा....
"बेटे.... अगर आप नौकरी या व्यवसाय या फिर किसी जरूरी काम के सिलसिले में देर रात गए घर आए होते तो मैं कुछ नहीं पूछता....
तब देर से आना आपकी व्यस्तता हो सकती थी, पर यहाँ ऐसा कोई कारण नहीं है आपके पास....
और फिलहाल....किसी काम धंधे में तो आप लगे नहीं है...
खाली दिमाग शैतान का घर...
पैसे वाले घरों के बिगड़े लड़कों से आपकी संगति....
इतनी रात गए कहाँ निशाचरों की तरह भटक रहे है....
माँ-बाप कैसे और कब तक नजर रखें....
"अच्छा होगा कल से आप जी जान से नौकरी ढूँढना शुरू करें, कोई छोटा-मोटा व्यवसाय करें सामान की सप्लाई करो या फिर घर के कामों में मम्मी का हाथ बँटाया करें....
आपका देर रात गए घूमना...
मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है...
"क्या पापा आप भी....
मम्मी कितनी अच्छी हैं, मैं रात को दो बजे भी लौटता हूँ, तो भी नहीं डाँटती, खाना खिला कर सो जाने को कहती है...
आज आप जगे हुए हैं तो टोका टोकी चालू हो गई ...
जब नौकरी मिलनी होगी...
मिल जाएगी...
मैं लाइफ तो इंज्वॉय कर लूँ तब तक...
" बेटे! आप जैसे बिगड़े नवाबों का इंज्वॉयमेंट, युवा बेटियों के माँ-बाप की दुश्चिंताओं का कारण बना हुआ है। आप रात को दस बजे तक घर आया करें, नहीं तो घर का दरवाज़ा नहीं खुलेगा....
यह मेरा फैसला है...
"हद हो गई पापा....
मैं कोई लड़की हूँ, मुझे किस बात का खतरा है कि मैं समय से घर आऊँ....
"साहबजादे... आप जैसे खाली बैठे युवा, कुलदीपक तो बन नहीं पा रहे, बस अपने घर की और दूसरों के घरों की भी इज़्ज़त जलाकर खाक करने पर तुले हैं
हर युवा बेटी के माँ-बाप के आँखों की नींद उड़ी रहती है कि उनकी बेटी के साथ कोई हादसा ना हो जाए....
डर के मारे लोग बेटियों को दूसरे शहरों में पढ़ने और नौकरी करने भेजने से भी डरने लगे हैं...
ऐसे मे माता पिता का ही फर्ज होता है लडको की निगरानी का , बोल कल से घर जल्दी आऐगा या आज से ही मार/डांट/बाहर जाऐगा। शोर सुन पत्नी आई हिमायत लगाई, पर जब पत्नी ने बेटी की तरफ देखा बोली मान जा नही तो चल निकल घर से कपुत नही चाहिये।
दोस्तो मे ये पोस्ट इसलिए डाल रहा हूं कयोंकि आज के समय मे सिर्फ लडकियों को ही नहीं बल्कि लडको पर समय से घर लौटने की पाबंदी जरूरी है ...और जरूरी है उनपर निगरानी की ...ताकि वह बहकावे मे बहकर कोई गलतियां ना करें...
हर लडकी कह सके ये देश मेरा घर है।
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