हल्का_सा_बुखार

 आज तबियत कुछ ठीक नही लग रही" सुबह उठते ही अनी का मन कुछ खराब से हो रहा था। अलार्म ने सुबह के 5 बजाए। उधर अनी मशीन की भांति उठकर किचन की तरफ जाने लगी । और जल्दी जल्दी किचन में काम करने लगी । सुबह का नाश्ता ,दोपहर का खाना , घर की सफाई सब वह एक रोबोट की तरह करती जा रही थी। फिर भी ढेर सारे काम बाकी थे। आज उसका मन बिल्कुल भी नही लग रहा था हल्का सा बुखार महसूस हुआ।

"अनिल के कपड़े भी प्रेस करने है।" वह भुनभुनाती हुई अलमारी से कपड़े निकलने लगी। अनिल को आराम से सोता देख जैसे जलभुन गई। यह उसकी रोज की दिनचर्या थी। जिसे वो खुशी खुशी करती थी। पर आज उसकी तबियत ठीक न होने की वजह से वह चिड़चिड़ी हो रही थी। अनिल आराम से उठा। और उठाते ही फरमाइश शुरू कर दी। नाश्ता दो , लंच बॉक्स जल्दी दो, ये क्या कपड़े भी ढंग से प्रेस नही किया इत्यादि । ये सब सुनकर अनी की आंखों में आंसू आ गए। अनिल के जाते ही वह रोने लगी ।

घड़ी की तरफ नजर गई तो वो भी आफिस के लिए लेट हो गई थी। जल्दी जल्दी तैयार होकर वो अनमने ढंग से आफिस चली गई। वहाँ भी वह उदास सी बैठी रही।

उसकी सहकर्मी उमा जो उसकी अच्छी दोस्त थी । उसने उसकी उदासी का कारण पूछा उसने सुबह की सारी घटना उसे विस्तार पूर्वक बताई और रोने लगी।

इतने में वहां एक और सहकर्मी मधु आ गई और मुस्कुराते हुए उन दोनो को अपनी हीरे की अंगूठी दिखाते हुए पूरे अभिमान के साथ बताया ये उसके पति ने उसे गिफ्ट दिया है। और ये लोग वीकएंड पर आउटिंग के लिए जाने वाले है। वह अपने पति के तारीफों के पूल बांधती जा रही थी। कि वो कितना रोमाटिंक है। कितना केअर करता है इत्यादि.

इन सब बातों ने अनी के दुखों पर नमक का काम किया। उसे लगा कि वह कितनी अभागी जिसे एक अच्छा पति नही मिला। कहने को प्रेम विवाह पर इस विवाह में प्रेम ही नही । अनिल कितना सुस्त और केयरलेस है उसे उसकी कोई परवाह नही । अगर उसे कुछ हो जाए तब भी उसे कोई फ़र्क नही पड़ेगा। वो तो बस एक काम वाली बाई है जो उसके घर को संभालती है। ये सब सोचते सोचते वो और भी रोने लगी।

उधर अनिल आफिस में दिनभर काम मे लगा रहा। थोड़ा फ्री हुआ तो , आफिस के सहकर्मीयो के साथ जा बैठा। वे सब अपनी अपनी पत्नियों की बुराई कर रहे थे की कैसे उनकी पत्नियां दिन भर डिमांड करती रहती है। जितने लोग उतनी परेशानिया सबकी अपनी अलग अलग परेशानिया। अनिल अनी के बारे में सोचने लगा कि कितना करती है मेरे और मेरे परिवार के लिए। फाइनांशियली और इमोशनली वही तो उसका आधार है। अगर वो न होती तो वो कैसे अपने आपको मैनेज कर पाता। वो उसे ज्यादा कुछ नही दे पाता। फिर भी वो कभी शिकायत नही करती। उसका जीवन ही उसकी अपर्णा है। और वो मुस्कुरा उठा।

उसे अपनी अनी पर गर्व हुआ। बस वह जाहिर नही कर पाता था। उसका स्वाभाव दिखावे वाला नही था। पर मन ही मन सदैव अनी की तारीफ करता। पर कभी उसके सामने नही कहता। शाम को जब अनी घर जाने के लिए निकली । तभी उसे डेस्क पर उसकी एक और सहकर्मी मनीषा आ गई। उसे सब गॉसिपक्वीन कहते थे । उसने बड़ी नाटकीय अंदाज में बताया कि " अरे तुझे पता है मधु के पति का चक्कर उसकी की ऑफीस की लड़की के साथ चल रहा है । दोनों को मधु ने खुद रंगे हाथ पकड़ा था।

उसके बाद उसे मनाने के लिए उसने उसे वो अंगूठी दी। पर उसे क्या पता वो तो अभी भी उसी लड़की के चंगुल में है" वो तो बस इसे बेवकूफ बनाने के लिए वो ये सब ड्रामा करता है। तुम्हे तो पता ही है कि दिखावे की दुनिया है।" और ये बात बोलकर हसते हुए वो और किसी के डेस्क पर चली गई सनसनीखेज खबर देने। इन सब बातों को सुनकर अनी को आश्चर्य हुआ। कैसे कोई इतना धोखेबाज़ हो सकता है। उसका अनिल कितना सीधा और भोला है। आज दिनभर के बाद इसे अपने अनिल पर गर्व हुआ। जैसा भी हो पर उसके प्रति ईमानदार तो है। उमा भी वही सब देख सुन रही थी। और अनी की तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी।

उमा ने कहा "अनी तू नसीब वाली है कि तुझे अनिल जैसा पति मिला। जो दिखावे में नही बल्कि सच्चे प्यार में विश्वास रखता है। भले वो तुझे किसी फिल्म के हीरो की तरह तुझे गुलाब न दे ना इस तरह के महंगे गिफ्ट दे। पर दिल से तुझे बहुत प्यार करता है। तेरी फिक्र करता है। आज तेरे आफिस आने से पहले अनिल ने कॉल किया और कहा कि तेरा मूड ठीक नही इसलिए मैं तेरा ख्याल रखु।

यह सब सुनकर उसकी आँखों मे आंसू आ गए। जब घर पहुची तो देखा आज अनिल जल्दी घर आ गया था। उसने प्यार से अनी को वेलकम किया ।

उसके लिए चाय बनाई। और कहा" सॉरी अनी आज मेरी वजह से तुम्हारा मूड खराब हुआ। मुझे एहसास ही नही हुआ कि तुम भी थक सकती हो। इतनी आसानी से तुम सब मैनेज कर लेती हो की मेरी कभी जरूरत ही नही पड़ती। तुम मेरी जरूरत हो। जिसके बिना मैं कुछ नही कर सकता। मैं परफेक्ट नही । बस तुमसे ये सब बात कहता नही पर तुम्ही मेरी लाइफ हो, कोशिश करूंगा तुम्हे और ज्यादा खुश रखने की। अपने इस इम्परफेक्ट पति को माफ कर दो।"

पति के मासूमियत भरे शब्दो को सुनकर उसका दिल भर गया । और उसने सारे गिलेशिकवे भूल कर अनिल को गले लगा लिया।

#अनिल...🙏🙏🙏🙏


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