माँ क्यों झूठ बोलती है

         गणित के अध्यापक के न आने से पाँचवीं कक्षा के विद्यार्थी शोर मचाने लगे।तब प्राधानाचार्य जी ने हिन्दी के अध्यापक को उन्हें पढ़ाने के लिये भेज दिया।

        कक्षा में आकर शिक्षक छात्रों को मुहावरे पढ़ाने लगे।तभी एक छात्र पूछ बैठा," सर, #सफ़ेद झूठ बोलना' मुहावरे का क्या अर्थ है?' शिक्षक ने उन्हें अर्थ बताया और सभी को वाक्य बनाने को कहा।सभी छात्रों ने वाक्य बनाये और एक-एक करके अपनी काॅपी चेक कराने लगे।तभी शिक्षक विमल का वाक्य पढ़ कर चौंक पड़े," विमल..तुमने ऐसा क्यों लिखा कि मेरी माँ #सफ़ेद झूठ बोलती है।" 

     तब विमल बोला," सर..माँ मुझे रोटी खिलाकर खुद भूखी रह जाती है और कहती है कि मुझे भूख नहीं है।दिनभर काम करके थक जाती हैं लेकिन मुस्कुरा कर कहती है कि मैं अच्छी हूँ।पापा दवा के लिये पैसे देने लगते हैं तो कहती है कि मेरे पास है और चुपके-से अपने पैरों की पायल बेच देती हैं।सर..माँ क्यों झूठ बोलती है?" सुनकर अध्यापक निरुत्तर हो गये।बचपन में उनकी माँ भी तो ऐसे ही झूठ बोलतीं थीं।

                                    विभा गुप्ता 

                               स्वरचित, बैंगलुरु 


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