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सुझाव ही क्यों दिया!!!

 शनिवार की शाम ऑफिस से जैसे ही घर आया देखा तो विजय जी बैठक में बैठे हुए थे।मुझे देखते ही लपक कर खड़े हो गए मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था रोहन चलो झटपट मेरे साथ...!

अरे अरे अभी तो ऑफिस से आया हूं चाय वाय पी लूं थोड़ा आराम कर लूं कहां ले जा रहे हो मुझे मैने पीछा छुड़ाने की कोशिश की।

आज चाय और वाय दोनों मेरी तरफ से है यार कभी तो भाभी जी को चाय से फुर्सत दिया कर क्यों भाभी जी जोर से हंसकर उन्होंने मेरा हाथ ही पकड़ लिया।

जाइए ना... भाईसाब कब से बैठे हैं ऑफिस तो रोज ही होता है और ये निगोडी चाय से तो आपको कभी फुर्सत नहीं मिलती वैसे भी कल सन्डे है श्रीमती जी की तरफ से मदद मिलने की सारी उम्मीदों पर झाड़ू फिरती नजर आ गई थी मुझे।

मरता क्या ना करता चल पड़ा बलि के बंधे बकरे की तरह विजय जी के साथ चाय वाय की आस लिए..!

कॉलोनी के हॉल में बैठक चल रही थी मेरे पहुंचते ही समीर ने जोर से कहा लो भाई हमारे प्लानर आ गए आओ रोहन तुम अपने सुझाव बताओ।

कौन से सुझाव समीर...! मै हतप्रभ था इस आकस्मिक आक्रमण से।

अरे वही जो तुम उस दिन बता रहे थे कॉलोनी की साफ सफाई और  दुर्गा पूजा आयोजन के संबंध में समीर ने मेरी तरफ एक छद्म मुस्कान फेंकी।

नहीं भाई मेरा कोई सुझाव  कोई योजना नहीं है मैने अपना गला छुडाने की पूरी कोशिश की।

अरे रोहन भाई हम आपके गले थोड़ी मढ़ रहे हैं ईश्वर की इच्छा यही है आप उनका यह कार्य करें ..हम सब है तो आपके दाएं बाएं ।समीर भाई बता रहे थे कैसे आप नगरनिगम की सहायता से कॉलोनी की सफाई करवा चमका देंगे और कैसे आप इस बार सर्वाधिक चंदा देने वाले को अपनी तरफ से पुरस्कृत करेंगे .. वाह एकदम अनोखी पहल है आपकी लोगो में होड़ लग जाएगी चंदा देने के लिए....!!कमेटी हेड आनंद कुमार जी उत्फुल्लित थे.. आपसे बेहतर और कोई इस जिम्मेदारी को नहीं निभा सकता इसीलिए  सर्वसम्मति से आपको ही ये सारी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है  उन्होंने तो मेरा #गला पकड़ लिया।

लेकिन आप सब मेरी बात तो सुनिए मैं तो केवल सुझाव दे रहा था ऑफिस की बहुत व्यस्तता रहती है मुझे.. मै कैसे...कुछ कहने की मेरी असफल कोशिश सबकी आवाजों की गूंज में दब गई थी।

जो सुझाव दे सकता है वही अमल भी कर सकता है सबने समवेत उच्चस्वर में कहा।

तो चलिए ...सबसे पहले चंदा देने का श्री गणेश आप से ही करते हैं फिर आपकी तरफ से सभी को चाय ...आनंद जी चंदे के रसीद बुक लेकर खड़े हो गए।

मेरी तरफ से चाय क्यों..! रोष और घुटन भरी आवाज में कहते मैने विजय जी की तरफ शिकायत फेंकी।

क्योंकि सुझाव तुम्हारा था और अब बहुमत से तुम इतनी बड़ी जिम्मेदारी के हेड बनाए गए हो .. सिम्पल... तुरंत मेरी शिकायत लपकते हुए उन्होंने मुझे क्लीन बोल्ड कर दिया था।


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