अशोक जी अपनी लड़की के लिए रिश्ता देखने के लिए गए। उनकी बेटी बहुत सभ्य और संस्कारी पढ़ी-लिखी लड़की है। जिस घर जाएगी उजाला ही फैला देगी।
मैरिज ब्यूरो के माध्यम से रिश्ता देख रहे थे। जब वह लड़के को देखने गए, सकपका गए। कहां उनकी हल्की फुल्की फूल सी बेटी कहां ये इतना मोटा लड़का। लड़का कहना भी शायद गलत ही होगा। भारी भरकम आदमी ज्यादा लग रहा था।
अशोक जी मैरिज ब्यूरो वाले पर गुस्सा होते हुए बोले यह कैसा रिश्ता बताया है आपने?
मैरिज ब्यूरो वाला दांत निपोरते हुए बोला,"अरे राज करेगी आपकी बेटी। बहुत पैसे वाला है यह। घी का लड्डू तो टेढ़ा ही भला।"
अशोक जी बोले ऐसे घी के लड्डू अपने पास ही रखो। मेरी बेटी कोई बोझ नहीं है जो यूं ही ऐरे-गेरे के साथ ब्याह दूंगा।
मैरिज ब्यूरो वाला समझाते हुए बोला,"अरे लगा ही क्या रहे हो आप? इतने ऊंचे घर का रिश्ता फिर नहीं मिलेगा। राज करेगी तुम्हारी बेटी। साथ ही साथ तुम्हारी किस्मत भी बदल जाएगी।"
अशोक जी गुस्से से तमतमाते हुए बोले,"मैं इतना नीच नहीं हूँ जो अपनी बेटी को खुद अपने हाथों से कुएं में धकेल दुँ और रही बात मेरी तो बेटियों के घर का खाने की मेरी फितरत नहीं है।
जोगम जोग जोड़ी ढूंढूंगा। चाहे कितना भी समय लग जाए। ब्याह शादी गुड्डे गुड़ियों का खेल थोड़ी है। जीवन भर का साथ होता है जिसका व्यापार नहीं किया जाता।
और वैसे भी मेरी बेटी कोई बोझ नहीं है। अभिमान है मेरा, गुरूर है मेरा।
ऐसा कहकर अशोक जी उस रिश्ते को ठुकरा कर चले आते हैं।
#प्राची_अग्रवाल
खुर्जा उत्तर प्रदेश
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