खाना

 आज खाना खाने बैठते ही राजीव ने रीना से कहा-, "आज तो सब्जी बहुत कम ही दिख रही है"। रीना मुस्कुराते हुए किचन में चली गई। पिछले कई महीनो से राजीव ने रीना से कई बार कहा था- "तुम बहुत ज्यादा खाना बनाती हो, थोड़ा कम बनाया करो। "राजीव और रीना के दो बच्चे थे। बच्चों का खाने पीने का कोई भरोसा नहीं होता। कोई सब्जी पसंद आ जाए तो वह दो रोटी ज्यादा भी खा लें। अगर किसी दिन कोई सब्जी ना पसंद आए तो खाना ही ना खाएं।

बढ़ती उम्र के बच्चों की पसंद ना पसंद बदलती रहती है। अक्सर बच्चों का सोच कर वह थोड़ा खाना ज्यादा ही बनाया करती थी।

मगर अब उसने तय कर लिया है कि वह इस कम-ज्यादा के फेर में नहीं पड़ेगी।

अब राजीव सोच रहे थे कि इस कम को ज्यादा कैसे करें
स्वरचित दिक्षा बागदरे

 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ