पापा ....अब होली मे पहले वाली बातें नही रही ....
विभु ने व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पापा को मैसेज किया ...
हां सच कहा तुमने ...
अब वो पहले जैसी बात नही होली मे .....या दूसरे त्यौहारों मे ...वो हल्ला गुल्ला ...
सब फीके फीके ....बस नाम के रह गए त्यौहार....
पापा ने भी बेटी को व्हाट्सएप पर ही जबाब दिया ....
जोकि होली वाले दिन दरवाजा बंद किए सोफे पर बैठे मित्रों तो कभी रिश्तेदारों तो कभी फैमिली ग्रुप्स मे चैटिंग कर रहे थे .....
तभी निशा रसोई घर से बाहर आकर बोली-यहां बंद कमरे मे बैठकर दोस्तों को रिश्तेदारों को बधाई मेसेज भेजकर होली मनाओगे तो सबकुछ फीका ही लगेगा ना ....असल मे फैमिली ग्रुप मे निशा भी शामिल थी सो उसने दोनों बाप बेटी की चैट पढ ली थी .....
मम्मी अब आप शुरू मत हो जाना.... पता है ना आजकल कैसे कैसे कैमिकल वाले रंग आते है स्कीन खराब हो जाती है .....
ऊपर से आजकल बाजार की मिठाइयां इतनी ओइली .....कोलेस्ट्रोल बढ जाएगा ....
और फिर पानी की वेस्टेज वो अलग .....
हम तो इसबार स्मार्ट होली मनाएंगे ....यूं मोबाइल पर मेसेज भेजकर...
क्यो पापा ...
पापा को देखते विभु बोली .....
बिल्कुल ..पापा ने बेटी की हां मे हां मिलाई
हां ....हो गई मेरी स्कीन खराब ...देखो ...अरे अब तक सही सलामत है सब बेकार की बातें है ...अरे टेसू के फूलों से खेलो ....अबीर गुलाल से खेलो ...होली होती है अपनों से मिलकर पुराने सभी गिले शिकवे भूलकर नयी शुरुआत करने को ....और पानी की बर्बादी .....
तुम दोनों ना कहो तो अच्छा है पूरा साल बर्बाद करते हो नहाते वक्त ......और आप तो शेविंग के वक्त और गाडी धोते वक्त भी .....होली पर एकदूसरे से मिलो बातें करो सम्मान करो आर्शीवाद लो .....
मगर नही बस मोबाइल मे घुसे रहोगे तो...
पापा-अरे छोडो यार .....तुम वो गुजिया और पापड वगैरह लाओ ...क्यो विभु..
विभु मुसकुराते बोली -हां मम्मी लाइए ना...
कैसी गुजिया कैसे पापड ...मैंने नही बनाए ...
मे भी आप दोनों की तरह स्मार्ट होली खेल रही हूं .....
जैसे मोबाइल पर बधाइयां भेजकर खुश हो रहे हो वैसे मोबाइल पर गुजिया पापड देखकर खा लो .....
देखो ये वाली ....और ये वाली वाओ....यम्मी...
निशा की बात सुनकर दोनों बाप बेटी का चेहरा उतर गया ....
तभी निशा ने टेबल पर रखा गुलाल उठाया और दोनों को लगाते हुए कहा-होली है ...तैयार हो जाओ ...मैंने भैया भाभी और पडोसियों को भी घरपर बुलाया है ....और गुजिया पापड भी बनाए है ....
दोनों बाप बेटी ने एकदूसरे को देखा फिर गुलाल लगाते हुए कहा -सचमुच ....होली तो मिलजुलकर एकदूसरे को रंग लगाते ही मनानी चाहिए.....
दोस्तों आपके दोस्त की और से आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं
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